क्या है रेकी ?
रेकी क्या है ? रेकी जापानी भाषा का शब्द है जो ‘ रे ‘ और ‘ की ‘ दो शब्दों से मिलकर बना है। ‘ रे ‘ का अर्थ है सर्वव्यापी अर्थात ओम्नीप्रेजेंट तथा ‘ की ‘ का अर्थ है रेकी वह उर्जा शक्ति है जिससे आप जी रहे हो… आप सांस लेते हो उस वायु में उर्जा होती है, आप कुछ खाते हो उस खाद्य पदार्थो में ऊर्जा होती है, आप पानी या अन्य पेय पदार्थ पीते हो उसमे भी उर्जा मौजूद है । आपके आस पास हर जगह आप जहा भी हो वहा ये ऊर्जा शक्ति मौजूद है, और आप जहा नहीं हो वहा भी ये उर्जा मौजूद है !उर्जा सारे ब्रह्मांड में फैली हुई शक्ति है, इस उर्जा शक्ति द्वारा शरीर की कोई भी शारीरिक या मानसिक बीमारी ठीक करना या जीवन की कोई समस्या को सुलाजाना या फिर ध्येय सिद्ध करने की तकनीक को रेकी कहते हैरेकी मेडिटेशन को करने की तकनीक: रेकी मेडिटेशन के दौरान अपनाई जाने वाले तकनीक के कारण व्यक्ति का मन शांत और एकाग्र होता है। शरीर बाहरी रोगों में दूर रहता है और व्यक्ति अपने भीतर काफी सकारात्मक ऊर्जा को भी महसूस करता है। इस तरह के मेडिटेशन के लिए इन तकनीकों का प्रयोग किया जाता है।
1. क्लींजिंग द सिस्टम, 2. चक्र ऊर्जा, 3. हाथों के माध्यम से हीलिंग
क्लींजिंग द सिस्टम: इस तकनीक में सबसे पहले एक स्थान पर बैठ जाएं और अपनी पीठ को सीधा रखें। मन को शांत करें और खुद को रिलेक्स करें। उसके बाद एक लंबी सांस लें। ऐसा करते समय इस बात पर ध्यान दें कि आपके भीतर खुशियां और अच्छाई प्रवेश कर रही है और जब आप अपनी गहरी सांस को छोड़े तो यह महसूस करे कि आपके अंदर की सभी बुराइयां और नकरात्मक भावनाएं बाहर जा रही है। ऐसा कम से कम दो से तीन बार करें। इससे आपको अपने भीतर क्लीननेस सा महसूस होगा।
चक्र ऊर्जा: हम सभी के शरीर में सात तरह के चक्र होते हैं। जो हमारी रीढ़ कि हड्डी से लेकर सिर के ऊपर भाग तक फैले होते हैं। यह हमारे शरीर के ऊर्जा का एक केंद्र है। इसके लिए इनको जगाना जरुरी होता है, जिससे आपका शरीर रोगमुक्त और शांत रहता है। इस तकनीक में इन चक्रों को जगाने का कार्य किया जाता है। ऐसे में सबसे पहले ध्यान की मुद्रा में बैठ जाये। इसके साथ-साथ अपने सांसो की ध्वनि को महसूस करें।हाथों के माध्यम से हीलिंग: इसको करने के लिए सबसे पहले हथेलियों को ऊपर सिर के ऊपर रखें। इससे अपने शरीर की ध्वनि को सुनने का प्रयास करें और गहरी सांस लें और उसे वापस छोड़े। ऐसा करते समय अपनी भीतर आती अच्छाई और खुशियों को आता हुआ महसूस करें और सांस को बाहर छोड़ते समय नकरात्मक ऊर्जा को बाहर जाते हुए महसूस करें। इसके बाद अपनी हथेलियों को सिर के ऊपर से हटा कर सिर के बाहर ले जाए। उसके बाद धीरे-धीरे हाथों को गले तक लाएं और फिर पीछे की तरफ गर्दन पर ले जाए। इस दौरान सांस लेने की उसी प्रक्रिया को दोहराएं।
रेकी मेडिटेशन से मिलने वाले लाभ:
रेकी मेडिटेशन दिमाग को रिलेक्स करता है और तनाव को कम करता है।
यह व्यक्ति के विचारों में शुद्धता लाता है।
इस मेडिटेशन की मदद से व्यक्ति किसी भी समस्या को शांत मन से सुलझाने की क्षमता को बढ़ाता है।
अच्छी नींद के लिए यह मेडिटेशन काफी अच्छा होता है।
व्यक्ति को रोग मुक्त रखने का कार्य करता है।
उर्जा सारे ब्रह्मांड में फैली हुई शक्ति है, इस उर्जा शक्ति द्वारा शरीर की कोई भी शारीरिक या मानसिक बीमारी ठीक करना या जीवन की कोई समस्या को सुलाजाना या फिर ध्येय सिद्ध करने की तकनीक को रेकी कहते है ।
रेकी मेडिटेशन को करने की तकनीक: रेकी मेडिटेशन के दौरान अपनाई जाने वाले तकनीक के कारण व्यक्ति का मन शांत और एकाग्र होता है। शरीर बाहरी रोगों में दूर रहता है और व्यक्ति अपने भीतर काफी सकारात्मक ऊर्जा को भी महसूस करता है। इस तरह के मेडिटेशन के लिए इन तकनीकों का प्रयोग किया जाता है।
1. क्लींजिंग द सिस्टम, 2. चक्र ऊर्जा, 3. हाथों के माध्यम से हीलिंग
क्लींजिंग द सिस्टम: इस तकनीक में सबसे पहले एक स्थान पर बैठ जाएं और अपनी पीठ को सीधा रखें। मन को शांत करें और खुद को रिलेक्स करें। उसके बाद एक लंबी सांस लें। ऐसा करते समय इस बात पर ध्यान दें कि आपके भीतर खुशियां और अच्छाई प्रवेश कर रही है और जब आप अपनी गहरी सांस को छोड़े तो यह महसूस करे कि आपके अंदर की सभी बुराइयां और नकरात्मक भावनाएं बाहर जा रही है। ऐसा कम से कम दो से तीन बार करें। इससे आपको अपने भीतर क्लीननेस सा महसूस होगा।
चक्र ऊर्जा: हम सभी के शरीर में सात तरह के चक्र होते हैं। जो हमारी रीढ़ कि हड्डी से लेकर सिर के ऊपर भाग तक फैले होते हैं। यह हमारे शरीर के ऊर्जा का एक केंद्र है। इसके लिए इनको जगाना जरुरी होता है, जिससे आपका शरीर रोगमुक्त और शांत रहता है। इस तकनीक में इन चक्रों को जगाने का कार्य किया जाता है। ऐसे में सबसे पहले ध्यान की मुद्रा में बैठ जाये। इसके साथ-साथ अपने सांसो की ध्वनि को महसूस करें।
हाथों के माध्यम से हीलिंग: इसको करने के लिए सबसे पहले हथेलियों को ऊपर सिर के ऊपर रखें। इससे अपने शरीर की ध्वनि को सुनने का प्रयास करें और गहरी सांस लें और उसे वापस छोड़े। ऐसा करते समय अपनी भीतर आती अच्छाई और खुशियों को आता हुआ महसूस करें और सांस को बाहर छोड़ते समय नकरात्मक ऊर्जा को बाहर जाते हुए महसूस करें। इसके बाद अपनी हथेलियों को सिर के ऊपर से हटा कर सिर के बाहर ले जाए। उसके बाद धीरे-धीरे हाथों को गले तक लाएं और फिर पीछे की तरफ गर्दन पर ले जाए। इस दौरान सांस लेने की उसी प्रक्रिया को दोहराएं।
रेकी मेडिटेशन से मिलने वाले लाभ:
रेकी मेडिटेशन दिमाग को रिलेक्स करता है और तनाव को कम करता है।
यह व्यक्ति के
विचारों में शुद्धता लाता है।
इस मेडिटेशन की मदद से व्यक्ति किसी भी समस्या को शांत मन से सुलझाने की क्षमता को बढ़ाता है।
अच्छी नींद के लिए यह मेडिटेशन काफी अच्छा होता है।
व्यक्ति को रोग मुक्त रखने का कार्य करता है।
